टारगेट किलिंग से डरे प्रवासी मजदूर पलायन को मजबूर

कश्मीर में प्रवासी लोगों की आतंकियों द्वारा की गई हत्या के बाद घाटी से पलायन तेज हो गया है। प्रवासी मजदूर अपने परिवारों के साथ कश्मीर से निकलने को बेताब हैं।

टारगेट किलिंग से डरे प्रवासी मजदूर पलायन को मजबूर

जम्मू रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर उमड़ी मजदूरों की भीड़

दीपक शर्मा

जम्मू। कश्मीर में प्रवासी लोगों की आतंकियों द्वारा की गई हत्या के बाद घाटी से पलायन तेज हो गया है। प्रवासी मजदूर अपने परिवारों के साथ कश्मीर से निकलने को बेताब हैं। आतंकवादियों द्वारा अल्पसंख्यकों और गैर-स्थानीय लोगों की लक्षित हत्या के बाद मंगलवार को भी घाटी के रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडो के टिकट काउंटरों पर लोगों की लंबी कतार देखने को मिली।
अधिकारियों ने कहा कि जम्मू और उधमपुर में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के अंदर और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है क्योंकि इन जगहों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ये लोग समय से पहले निकलने के लिए बेताब हैं और कुछ पहुंच चुके हैं और काफी लोग रास्ते में हैं। मंगलवार को जम्मू में रेलवे स्टेशन के बाहर, पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को पानी और ठहरने की बुनियादी सुविधाओं के बिना लंबी कतारों में सड़क किनारे इंतजार करते देखा गया।
अनुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के 3 से 4 लाख मजदूर, जिनमें से अधिकांश हिंदू हैं, हर साल मार्च की शुरुआत में नौकरियों की तलाश में कश्मीर पहुंचते हैं। वो घर बनाने, बढ़ई के काम के लिए, वेल्डिंग के लिए और खेती के काम के लिए घाटी में पहुंचते हैं और नवंबर में सर्दी के शुरू होने से पहले घर वापस चले जाते हैं। इनमे अलग से एक बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश के रेहड़ी लगाकर सब्जियां बेसगहने वालो की भी हैं। 
लेकिन घाटी में अचानक बाहरी लोगों की चुनकर की जा रही हत्याओं ने प्रवासी मजदूरों में भय पैदा कर दिया है, जिससे वह ईद के बाद जाने की बजाय पहले ही कश्मीर छोड़कर भागने के लिए तैयार हैं। बीते रविवार को भी, कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने बिहार के दो मजदूरों की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी. घाटी में आतंकियों ने अभी तक 11 लोगों की हत्या कर दी है।
वहीँ श्रमिकों की संख्या के हिसाब से कटरा से चलकर उधमपुर अथवा जम्मू से रवाना होने वाली रेलगाड़ियों की संख्या काफी कम नजर आने लगी है। मंगलवार को जम्मू से उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए तीन रेलगाड़ियां अमरनाथ एक्सप्रेस, सियालदाह एक्सप्रेस और बर्फानी एक्सप्रेस में आरक्षण के लिए मारामारी रही।
आलम यह रहा कि जम्मू से गोरखपुर जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास में चार सौ प्रतीक्षा सूची तक पहुंच गई। शाम होते तक इस रेलगाड़ी में प्रतीक्षा सूची में भी यात्रा टिकट बुक फुल हो गई। कमोबेश यही हालत सियालदाह जाने वाली सियालदाह एक्सप्रेस में रही जो उत्तर प्रदेश और बिहार से होकर गुजरती है। इस रेलगाड़ी में स्लीपर क्लास में यात्रियों को आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रही थी। प्रतीक्षा सूची चार सौ से अधिक हो गई थी।
इसी प्रकार कानपुर जाने वाली बर्फानी एक्सप्रेस में भी आरक्षण के लिए मारामारी रही। कश्मीर से पलायन कर अपने घरों में जाने के लिए जम्मू और उधमपुर पहुँच रहे लोगों की भीड़ के आगे यह रेलगाड़ियां काफी कम नजर आ रही है। वहीं, बाहरी राज्यों विशेष कर उत्तर प्रदेश और बिहार से जम्मू आने वाली रेलगाड़ियां लगभग खाली पहुंच रही है।