त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या के मामले में एक आरोपी जम्मू से गिरफ्तार

नेशनल कांफ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान राजेंद्र उर्फ राजू के रूप में हुई है।

त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या के मामले में एक आरोपी जम्मू से गिरफ्तार

नई दिल्ली। पश्चिमी जिले के रमेश नगर में हुई नेशनल कांफ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान राजेंद्र उर्फ राजू के रूप में हुई है।

पुलिस की पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि इस हत्या में कुल चार लोग शामिल थे। त्रिलोचन को पहले खाने में बेहोशी की दवा मिला कर दी गई थी और बेहोशी की हालत में गोली मारकर उसकी हत्या की गई है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या में शामिल आरोपित ने खुलासा करते हुए पुलिस को बताया कि हरप्रीत ने अपने मामा की हत्या का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। वहीं गिरफ्तार आरोपित द्वारा दी गई जानकारी की जांच की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि तीन सितंबर को त्रिलोचन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उनका शव नौ सितंबर को बरामद हुआ था। पश्चिम जिला पुलिस ने राजेंद्र उर्फ राजू को जम्मू से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि वह हरप्रीत सिंह खालसा का दोस्त है।

वह मुंबई में टैक्सी ड्राइवर का काम करता था। बीते अगस्त महीने में उसे काम दिलाने के नाम पर हरप्रीत ने दिल्ली बुलाया था। इसके बाद से वह उसके पास ही रहता था। बीते दो सितंबर को उसको त्रिलोचन सिंह वजीर का सामान लेने के लिए राजू को जम्मू भेजा था। वहां से सामान बस में लेकर वह तीन सितंबर को दिल्ली वापस आ गया था। वहीं वजीर दो सितंबर को ही यहां आ गया था।

वहीं राजू ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वजीर को तीन सितंबर को कनाडा जाना था। इसलिए उन्होंने खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर उसे खिला दी थी। उस समय घर पर हरप्रीत सिंह खालसा, हरमीत सिंह, बिल्ला और वो खुद वहां मौजूद था। उसने पुलिस को बताया कि बेहोशी की हालत में ही उन्होंने तीन सितंबर की रात गोली मारकर त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद उन्होंने शव को वहीं पर रखा हुआ था। इसके बाद वह एक-एक कर इस घर से निकलकर फरार हुए थे। पुलिस से बचने के लिए वह जम्मू स्थित अपने ससुराल चला गया था।

राजेन्द्र को गिरफ्तार करने के बाद पश्चिम जिला पुलिस ने उसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। पुलिस को पूछताछ में उसने बताया है कि इस हत्या का मास्टरमाइंड हरप्रीत सिंह है। हरप्रीत सिंह के मामा की हत्या साल 1983 में हुई थी। उसे लगता था कि मामा की हत्या में त्रिलोचन का हाथ था। इसका उसका बदला लेने के लिए उसने हरमीत, राजू और अपने दोस्त बिल्ला के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। पुलिस आज आरोपित को अदालत के समक्ष पेश कर रिमांड पर लेगी। बता दें कि बीते तीन सितंबर को रमेश नगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव बीते नौ सितंबर की सुबह बरामद हुआ था।