"अगले बरस तू जल्दी आ" की कामना के साथ गणपति की विदाई

दस दिवसीय गणेशोत्सव के अंतिम दिन रविवार को भगवान गणेश को विदाई दी जा रही है। श्रद्धालु अपने-अपने गणपति को “अगले बरस तू जल्दी आ” की कामना के साथ विदाई दे रहे हैं।

"अगले बरस तू जल्दी आ" की कामना के साथ गणपति की विदाई

मुंबई। दस दिवसीय गणेशोत्सव के अंतिम दिन रविवार को भगवान गणेश को विदाई दी जा रही है। श्रद्धालु अपने-अपने गणपति को “अगले बरस तू जल्दी आ” की कामना के साथ विदाई दे रहे हैं। यह लगातार दूसरी बार है जब मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य शहरों में कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार गणपति को विदाई दी जा रही है। पिछले साल की तरह इस बार भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में कड़ी पाबंदियों के साथ गणेशोत्वस मनाया गया। हालांकि इन कड़ी पाबंदियों और सख्त सुरक्षा का असर ये रहा कि मुंबई में अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

मुंबई और अन्य शहरों में गणेश चतुर्थी के दिन सार्वजनिक मंडलों और भक्तों के घरों में विराजमान हुए भगवान गणेश की आज सुबह से ही विदाई दी जा रही है। कोरोना प्रोटोकाल का असर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। मुंबई के मशहूर लालबाग के राजा का विसर्जन भी सादगी से गिरगांव चौपाटी पर किया गया। मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने लालबाग के राजा की विधिवत पूजा-अर्चना करके अगले बरस जल्दी आने का न्योता देते हुए उनको विदाई दी।

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस के मुंबई स्थित सरकारी आवास पर विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमा को परिसर में ही बनाए गए कृत्रिम टैंक में विसर्जित किया गया। इस मौके पर देवेंद्र फडणवीस, पत्नी अमृता फडणवीस, उनकी बेटी दिविजा और भाजपा विधायक प्रसाद लाड, वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह उपस्थित थे।

मुंबई में तेजुकाया गणेशोत्सव मंडल में विराजमान गणेश को गिरगांव चौपाटी की ओर ले जाया जा रहा है। इसी तरह खेरवाड़ी गणेशोत्सव मंडल सहित अन्य सार्वजनिक गणेश मंडलों को पुलिस ने बिना गाजे बाजे के सिर्फ 10 कार्यकर्ताओं सहित विसर्जित करने का आदेश जारी किया है। मुंबई, ठाणे और पालघर सहित अन्य शहरों में गणेश विसर्जन के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई है। इसी वजह से अब तक गणेश विसर्जन के दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है।

इस वर्ष गणेश विसर्जन कोरोना की वजह से बिना गाजे बाजे के किया जा रहा है और पुलिस ने जल्द से जल्द विसर्जन संपन्न करवाने का आदेश जारी किया है। जबकि पिछले वर्ष गणपति विसर्जन सार्वजनिक गणेश मंडलों के पंडाल में ही करवाया गया था। हालांकि कोरोना काल से पहले मुंबई में गणेश विसर्जन पूरी रात तक चलते रहता था और पूरा शहर बाजे गाजे से गुंजायमान हो जाता था। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की महापौर किशोरी पेडणेकर ने बताया कि उन्होंने भगवान गणेश से कोरोना खत्म कर पुराने दिन लौटाने की प्रार्थना की है, ताकि अगले साल पूरे गाजे बाजे सहित गणेश पर्व मनाया जा सके।

बीएमसी के मुताबिक नगर निकाय ने गणपति विसर्जन के लिए शहर में 173 स्थानों पर कृत्रिम टैंक बनाए हैं। इसके अलावा प्रतिमाएं एकत्र करने के लिए केंद्र, सचल विसर्जन स्थल भी बनाए गए हैं। ये सभी प्रबंध कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार किए गए हैं। बीएमसी के अधिकार क्षेत्र में 73 प्राकृतिक जल स्रोतों में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था की गई है।

मुंबई, 19 सितंबर (हि.स.)। दस दिवसीय गणेशोत्सव के अंतिम दिन रविवार को भगवान गणेश को विदाई दी जा रही है। श्रद्धालु अपने-अपने गणपति को “अगले बरस तू जल्दी आ” की कामना के साथ विदाई दे रहे हैं। यह लगातार दूसरी बार है जब मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य शहरों में कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार गणपति को विदाई दी जा रही है। पिछले साल की तरह इस बार भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में कड़ी पाबंदियों के साथ गणेशोत्वस मनाया गया। हालांकि इन कड़ी पाबंदियों और सख्त सुरक्षा का असर ये रहा कि मुंबई में अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

मुंबई और अन्य शहरों में गणेश चतुर्थी के दिन सार्वजनिक मंडलों और भक्तों के घरों में विराजमान हुए भगवान गणेश की आज सुबह से ही विदाई दी जा रही है। कोरोना प्रोटोकाल का असर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। मुंबई के मशहूर लालबाग के राजा का विसर्जन भी सादगी से गिरगांव चौपाटी पर किया गया। मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने लालबाग के राजा की विधिवत पूजा-अर्चना करके अगले बरस जल्दी आने का न्योता देते हुए उनको विदाई दी।

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस के मुंबई स्थित सरकारी आवास पर विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमा को परिसर में ही बनाए गए कृत्रिम टैंक में विसर्जित किया गया। इस मौके पर देवेंद्र फडणवीस, पत्नी अमृता फडणवीस, उनकी बेटी दिविजा और भाजपा विधायक प्रसाद लाड, वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह उपस्थित थे।

मुंबई में तेजुकाया गणेशोत्सव मंडल में विराजमान गणेश को गिरगांव चौपाटी की ओर ले जाया जा रहा है। इसी तरह खेरवाड़ी गणेशोत्सव मंडल सहित अन्य सार्वजनिक गणेश मंडलों को पुलिस ने बिना गाजे बाजे के सिर्फ 10 कार्यकर्ताओं सहित विसर्जित करने का आदेश जारी किया है। मुंबई, ठाणे और पालघर सहित अन्य शहरों में गणेश विसर्जन के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई है। इसी वजह से अब तक गणेश विसर्जन के दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है।

इस वर्ष गणेश विसर्जन कोरोना की वजह से बिना गाजे बाजे के किया जा रहा है और पुलिस ने जल्द से जल्द विसर्जन संपन्न करवाने का आदेश जारी किया है। जबकि पिछले वर्ष गणपति विसर्जन सार्वजनिक गणेश मंडलों के पंडाल में ही करवाया गया था। हालांकि कोरोना काल से पहले मुंबई में गणेश विसर्जन पूरी रात तक चलते रहता था और पूरा शहर बाजे गाजे से गुंजायमान हो जाता था। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की महापौर किशोरी पेडणेकर ने बताया कि उन्होंने भगवान गणेश से कोरोना खत्म कर पुराने दिन लौटाने की प्रार्थना की है, ताकि अगले साल पूरे गाजे बाजे सहित गणेश पर्व मनाया जा सके।

बीएमसी के मुताबिक नगर निकाय ने गणपति विसर्जन के लिए शहर में 173 स्थानों पर कृत्रिम टैंक बनाए हैं। इसके अलावा प्रतिमाएं एकत्र करने के लिए केंद्र, सचल विसर्जन स्थल भी बनाए गए हैं। ये सभी प्रबंध कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार किए गए हैं। बीएमसी के अधिकार क्षेत्र में 73 प्राकृतिक जल स्रोतों में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था की गई है।