पटरियों पर बैठे किसान

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 'रेल रोको आंदोलन'का कई राज्यों में व्यापक असर रहा। आंदोलनकारी किसान सोमवार सुबह कई स्थानों पर पटरी पर बैठ गए जिसके चलते पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में रेल यातायात बाधित रहा।

पटरियों पर बैठे किसान

रेल रोको आंदोलन के चलते पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में रेल सेवाएं बाधित
नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 'रेल रोको आंदोलन'का कई राज्यों में व्यापक असर रहा। आंदोलनकारी किसान सोमवार सुबह कई स्थानों पर पटरी पर बैठ गए जिसके चलते पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में रेल यातायात बाधित रहा।
प्रदर्शन का उत्तर रेलवे जोन में 150 स्थानों पर असर पड़ा और 60 ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई जिससे यात्रियों को असुविधा हुई और उन्हें अपने सामान के साथ लंबे वक्त तक इंतजार करते हुए देखा गया। उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) के राजस्थान और हरियाणा में कुछ हिस्सों में रेल यातायात बाधित रहा, 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, 10 को आंशिक रूप से रद्द किया गया और एक ट्रेन का मार्ग परिवर्तित किया गया। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के कार्यकर्ताओं ने रेलवे पटरियों पर धरना देकर अमृतसर-दिल्ली और जालंधर एक्सप्रेस रोक दी।
केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने एक बयान में कहा था, लखीमपुर खीरी हिंसा में न्याय सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त तथा गिरफ्तार करने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने देशव्यापी रेल रोको प्रदर्शन की घोषणा की है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि 'रेल रोको आंदोलन' के कारण पंजाब और हरियाणा में लगभग 130 स्थान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि फिरोजपुर और अंबाला मंडल में लगभग 50 ट्रेनें प्रभावित हुईं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद और लखनऊ डिवीजन में स्थिति सामान्य है।
सोमवार शाम को हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि रेल रोको विरोध के प्रभाव से राज्यभर में 47 स्थानों पर रेलवे ट्रैक जाम रहा, जिससे ट्रेनों के चलने में बाधा उत्पन्न हुई तथा यात्रियों को असुविधा हुई। पुलिस ने दावा किया कि इस दौरान राज्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना का समाचार नहीं है।

नहीं मानी गई बात तो आंदोलन होगा तेज: टिकैत
लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर किसान संगठन केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ को पद से हटाने की मांग पर अड़े हैं। इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार सुबह 10 बजे से देशव्यापी रेल रोको अभियान चलाकर अपना विरोध दर्ज करा रही है। मोर्चे ने अपने बयान में साफ कहा है कि अगर सरकार टेनी को पद से नहीं हटाती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता और भारतीय किसान किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसान चाहते हैं कि केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को पद से हटाया जाए। जिससे लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच हो सके। टिकैत ने कहा कि अगर अजय मिश्रा पद पर बने रहेंगे तो लखीमपुर खीरी हिंसा की निष्पक्ष जांच संभव नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में रेल रोको अभियान चलाया जा रहा है। यह सुबह 10 से शुरु होकर शाम 04 बजे तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर केन्द्र सरकार किसानों मांगों को नहीं मानेगी को आंदोलन और तेज किया जाएगा।