दाभोलकर हत्या मामले में पांच आरोपितों के खिलाफ आरोप तय

डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में पुणे की एक विशेष अदालत ने बुधवार को पांच आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए। हालांकि सभी आरोपितों ने सीबीआई की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया।

दाभोलकर हत्या मामले में पांच आरोपितों के खिलाफ आरोप तय

मुंबई। डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में पुणे की एक विशेष अदालत ने बुधवार को पांच आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए। हालांकि सभी आरोपितों ने सीबीआई की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। इसके बाद अदालत ने मामले की जांच कर रही सीबीआई को सभी संबंधित सबूत पेश करने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 30 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।

विशेष अदालत के न्यायाधीश एसआर नावंदर ने मामले के आरोपितों से पूछा कि क्या वे आरोप स्वीकार करते हैं? सभी आरोपितों ने सीबीआई की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। जिन पांच पर आरोप तय किए गए हैं उनमें वीरेंद्र सिंह तावड़े, सचिन अंदुरे, शरद कालस्कर, संजीव पुनालेकर और विक्रम भावे का समावेश है। आरोपित पुनालेकर और भावे सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद थे। जबकि तावड़े, कालस्कर और अंदुरे जेल से वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुए।

आरोपित तावड़े, अंदुरे, कालस्कर, पुनालेकर और भावे के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र), आर्म्स एक्ट एवं यूएपीए की धारा 16 के तहत आरोप तय किए हैं। पुनालेकर के खिलाफ आईपीसी की धारा 201 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

अदालत में सीबीआई की ओर से वकील प्रकाश सूर्यवंशी उपस्थित थे। आरोपितों के वकील वीरेंद्र इचलकरंजी ने सीबीआई के आरोपों को निराधार बताया। इसी वजह से अदालत ने मामले में 30 सितंबर को सबूत पेश करने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 30 सितम्बर तक के लिए टाल दी है।

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को पुणे में तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीबीआई मामले की जांच कर रही है।