9/11 के आतंकी हमले से सिहर उठी थी दुनिया, अमेरिकी राष्ट्रपति ने मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित ट्वीन टावर पर 20 साल पहले आज ही के दिन 11 सितम्बर को हुए दुनिया के सबसे बड़े आतंकी हमले में मारे गए लोगों को पूरी दुनिया ने श्रद्धांजलि दी।

9/11 के आतंकी हमले से सिहर उठी थी दुनिया, अमेरिकी राष्ट्रपति ने मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

जो बाइडन एवं यूएन प्रमुख समेत दुनिया भर की हस्तियों ने जतायी संवेदना, दी श्रद्धांजलि

न्यूयॉर्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित ट्वीन टावर पर 20 साल पहले आज ही के दिन 11 सितम्बर को हुए दुनिया के सबसे बड़े आतंकी हमले में मारे गए लोगों को पूरी दुनिया ने श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालों में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन, महारानी क्वीन एलिजाबेथ समेत दुनिया भर के राजनयिकों ने इस हमले पर संवेदना जताई। इस हमले से पूरी दुनिया सिहर उठी थी।

ग्राउंड जीरो पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन समेत सीनेट के कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। साथ ही यह विश्वास दिलाया कि अमेरिका की धरती फिर से ऐसा हमला कभी नहीं होगा।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने समस्त देशवासियों से एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हमले के बाद देशवासियों ने जैसी एकता दिखाई, उसी भावना के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। बाइडन आतंकी हमले में मारे जाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए तीनों घटनास्थल पर गए।

9/11 की बरसी पर बाइडन ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अब देश को उसी जज्बे से एकता दिखानी है, जो हमले के बाद देखने को मिली थी। एकता ही अमेरिकियों की सबसे बड़ी ताकत है। न्यूयॉर्क के ग्राउंड जीरो के बाद बाइडन पेंसिल्वेनिया के उस मैदान में गए जहां एक यात्री विमान गिरा था जिसमें सावर यात्रियों ने आतंकियों से संघर्ष के बाद इस विमान को न्यूयार्क जाने से रोक दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति बाइडन पेंटागन के लिए रवाना हो गए।

जो बाइडन 11 सितम्बर, 2001 में न्यूयार्क में आतंकी हमले के दौरान सीनेटर थे, अब वह कमांडर इन चीफ होकर बरसी मना रहे हैं। बाइडन 9/11 हमले की बरसी पर श्रद्धांजलि देने वाले चौथे राष्ट्रपति हैं।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने 9/11 की हमले की बरसी पर कहा कि हम दुनियाभर में आतंकवाद का शिकार लोगों की जरूरतों और उनके अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बीस साल पहले अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आतंकवाद विहीन भविष्य के लिए एकता की बात कही थी, हमें उसे याद रखना चाहिए।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि दुनिया अब महसूस कर चुकी है कि 9/11 आतंकी हमले जैसी त्रासदियों का स्थायी समाधान भारत के मानवीय मूल्यों के माध्यम से मिलेगा। उन्होंने कहा कि 9/11 एक ऐसी तारीख है जिसे मानवता पर हमले के लिए याद किया जाता है और इसने दुनिया को बहुत कुछ सिखाया है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने कहा कि 9/11 हमले को अंजाम देने वाले आतंकी स्वतंत्रता और लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को डगमगाने में बुरी तरह असफल रहे हैं।

ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ ने बीस साल पहले हमले में मारे गए 3000 लोगों और पीड़ितों के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि हमले के बाद 2010 में वे घटनास्थल वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर गई थीं। आज उसकी याद ताजा हो गई है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने भी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई।