कांग्रेस राज में जो मुद्दे भ्रष्ट थे वह भाजपा को रास आने लगे

हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी जब तक सत्ता से बाहर थी तब तत्कालीन हुड्डा सरकार पर भ्रष्टाचार के खूब आरोप लगाए। अधिकारियों पर भी जमकर उंगली उठाई मगर सत्ता में आई भाजपा तो फिर वही अधिकारी अब भाजपा को रास आने लगे , रास आने लगे ऐसे ही कुछ मुद्दे जो कांग्रेस के समय में भ्रष्टाचार हुआ करते थे।

कांग्रेस राज में जो मुद्दे भ्रष्ट थे वह भाजपा को रास आने लगे

ध्यान आकर्षित करने वाले भाजपाइयों का गला घोटने लगे बड़े नेता गुरुग्राम के जमीनी नेता

कुलभूषण भारद्वाज को पार्टी से निकाले जाने से जनता और कार्यकर्ताओं में आक्रोश

नवीन गौतम

 गुरुग्राम। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी जब तक सत्ता से बाहर थी तब तत्कालीन हुड्डा सरकार पर भ्रष्टाचार के खूब आरोप लगाए। अधिकारियों पर भी जमकर उंगली उठाई मगर सत्ता में आई भाजपा तो फिर वही अधिकारी अब भाजपा को रास आने लगे , रास आने लगे ऐसे ही कुछ मुद्दे जो कांग्रेस के समय में भ्रष्टाचार हुआ करते थे। इसके खिलाफ जब भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने आवाज उठाई तो उन मुद्दों पर गंभीरता  दिखाने के बजाय उन्हें भाजपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। ऐसे ही नेता है  गुरुग्राम के कुलभूषण भारद्वाज जिनके पिता का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रहा। कुलभूषण भारद्वाज भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित  विभिन्न पदों पर रहे। पेशे से वकील कुलभूषण गुड़गांव बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे हैं और गुरुग्राम व आसपास के इलाकों में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का मजबूत स्तंभ माना जाता रहा है। फिलहाल उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता दिखाए जाने के बजाए उन पर ही की गई कार्यवाई  से भाजपा के पुराने इमानदार और जमीनी कार्यकर्ता हतोत्साहित है। 

बता दें कि कुलभूषण भारद्वाज ने भाजपा के सत्ता में आने के बाद भाजपा की किस तरह से  किरकिरी हो रही है इसकी तरफ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई अन्य नेताओं का ध्यान आकर्षित करते हुए पत्र लिखे। 
 
उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष पहला यह मुद्दा उठाया था कि सेक्टर 12 ए में करीब 300 करोड़ रुपये कीमत वाली हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित जमीन को साजिशन अधिग्रहण मुक्त करके सीएलयू प्रदान करने का कार्य किया गया। यह फैसला गलत तरीके से संभवतः आपको अंधेरे में रखकर करवा लिया गया। आपके द्वारा बैठाई गई जांचों में यह प्रमाणित भी हो चुका है कि यह खेल भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबियों ने उच्च स्तर के अधिकािरयों को भारी भरकम चढ़ावा देकर खेला है। आपके संज्ञान में न्याय की उम्मीद के साथ वर्ष 2018 में यह विषय लाया गया लेकिन चार साल बीतने के बाद भी अभी तक इस घोटाले में कोई निर्णायक फैसला आपने नहीं लिया। इससे गुरुग्राम की जनता निराश और हताश है। क्योंकि लोगों को आस थी कि उन्हें भाजपा का कुशल नेतृत्व भ्रष्टाचार और भू माफिया से मुक्ति दिलवा सकेगा। आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि इस जमीन की मलकियत पुनः हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को सौंप, दोषी अधिकारियों और बिल्डर को जेल भेजा जाए। मगर कुलभूषण द्वारा उठाए गए पहले मुद्दे पर कुछ नहीं हुआ।

दूसरा मसला उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष जिया उठाया कोरोना की दूसरी लहर के दौरान उपजे हालातों से आप भली भांति वाफिक ही हैं। इस दुख की घड़ी में कई अफसरों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए न सिर्फ प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल किया अपुति आमजन का आर्थिक और मानसिक शोषण करने का नंगा नाच किया। अफसरों ने सीएसआर का करोड़ों रुपयों का फंड अस्थाई ढ़ांचागत व्यवस्था खड़ी करने के नाम पर पानी में बहा दिया तथा जो पैसा लोगों के हितार्थ प्रयोग किया जा सकता था उससे अपना घर भर लिया। सेक्टर 38 के ताउ दवीलाल स्टेडियम में जिस फील्ड हाॅस्पिटल का उद्घाटन आपको अंधेरे में रखकर करवा लिया उसकी दुर्गति की दास्तां देश, विदेशों की मीड़िया ने बयां की। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना सरकार की कड़े फैसले लेने वाली छवि को बट्टा लगाता है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ध्यान कुलभूषण इस तरफ भी दिलवाया कि इन दिनों लोगों में आम चर्चा है कि प्रदेश का कामकाज भ्रष्ट अफसरों के हाथ में है। बिल्डर्स की शह पर किए गए मानेसर भूमि घोटाले ने पूरे देश का ध्यान कांग्रेस के शासनकाल में हरियाणा में किसानों की उपजाउ भूमि हड़पने की नीति की ओर खींचा था। आपके नेतृत्व में बनी भाजपा की सरकार ने इस जमीन घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए धींगड़ा आयोग का गठन किया साथ ही इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई। इसमें यह साफ हो गया कि करीब 14 हजार करोड़ रुपये का घोटाला किसानों के साथ किया गया। इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को प्रमुख आरोपी तथा आईएएस अधिकारी टीसी गुप्ता को दूसरे नंबर पर आरोपी बनाया गया था। लेकिन एक आश्चार्यजनक फैसले ने पांच गांवों के हजारों किसान ही नहीं बल्कि शासन से न्याय की आस लगाने वाले देशभर के गरीब लोगों की उम्मीदों को रौंद दिया। यह चैकाने वाली बात है कि सीबीआई के पहले आरोपी ने दूसरे नंबर के आरोपी की सिफारिश आप सरीखे ईमानदार व कर्मठ व्यक्तित्व के समक्ष सेवा का अधिकार आयोग का चेयरमैन बनाने के लिए की और आपने भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे इन दोनों लोगों की सिफारिश स्वीकार कर ली। आपके इस फैसले से पूरी पार्टी और हम जैसे लाखों कार्यकर्ता अवसाद में हैं। क्योंकि भाजपा की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति के अनुरूप जिन आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे होने चाहिए था उन्हें आपने अपने करीब ला बैठाया।