आतंकवाद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं: अमित शाह

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय प्रवास पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज रात को कश्मीर में ही रुकेंगे। उन्होंने सीआरपीएफ कैंप में जवानों के साथ बातचीत कर रात्रिभोज भी किया। सोमवार शाम आठ बजे के करीब अमित शाह सीआरपीएफ कैंप पहुंचे थे।

आतंकवाद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं: अमित शाह

सीआरपीएफ कैंप में जवानों के साथ रात गुजारेंगे गृहमंत्री
दीपक शर्मा
श्रीनगर, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय प्रवास पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज रात को कश्मीर में ही रुकेंगे। उन्होंने सीआरपीएफ कैंप में जवानों के साथ बातचीत कर रात्रिभोज भी किया।सोमवार शाम आठ बजे के करीब अमित शाह सीआरपीएफ कैंप पहुंचे थे। वहां सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद थे।
अमित शाह ने सीआरपीएफ कैंप में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय था कि कश्मीर में हर रोज पत्थरबाजी की घटनाएं होती थी लेकिन अब ऐसी घटनाएं नाममात्र ही रह गई हैं। मोदी सरकार प्रदेश की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति रही है। इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि खराब मौसम की वजह से श्रीनगर से उड़ान संभव नहीं हो पाने की वजह से ही अमित शाह ने आज रात कश्मीर में सीआरपीएफ जवानों के बीच रहने का फैसला लिया।
हालांकि इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से भी भेंट की। उन्होंने सूफी और संतों से भेंट कर कहा कि सूफी संस्कृति भी उसी समृद्धता का हिस्सा है जो शांति और उदारवाद का सूचक है।इसी वजह से कश्मीर शुरू से ही भारत की समृद्ध विरासत का केंद्र बिंदु रहा है। उन्होंने कहा कि सूफीवाद मध्य पूर्व और कश्मीर के रास्ते भारत देश में आया था। कश्मीर ने समूचे देश को सूफीवाद का तोहफा दिया है। करीब आधे घंटे तक हुई इस बातचीत में सूफी-संतों ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ ककककर की शांति, खुशहाली और सहअस्तित्व को पुनस्थार्पित करने के लिए एक विस्तारपूर्वक चर्चा भी की।

मुझे कश्मीर के युवाओं से दोस्ती करनी है
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने जम्मू-कश्मीर दौरे के आखिरी दिन सोमवार को श्रीनगर में विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। सिविल सोसाइटी के लोगों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कश्मीर अब तरक्की की राह पर है। मैं आपसे दिल-खोलकर बात करने आया हूं। उन्होंने कहा कि मुझे ताना मारा गया, निंदा की गई... आज मैं आपसे खुलकर बात करना चाहता हूं। यही वजह है कि यहां कोई बुलेटप्रूफ शील्ड या सुरक्षा नहीं है। फारूक साहब ने मुझे पाकिस्तान से बात करने का सुझाव दिया है, लेकिन मैं कश्मीर के युवाओं-यहां के लोगों से बात करूंगा। मुझे यहां के युवाओं से दोस्ती करनी है। कश्मीर के लोग मेरे अपने हैं, मुझे उनकी बात सुननी है। गृहमंत्री ने कश्मीरियों को विश्वास दिलाया कि अब कोई भी ताकत यहां की शांति और जारी विकास योजनाओं को रोक नहीं सकती। उन्होंने पूरे दावे के साथ कहा कि अब आप लोग अपने दिन से डर को बाहर निकाल दें। कश्मीर की शांति और विकास को अब कोई नहीं बिगाड़ सकता। पीएम मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में विकास तेजी से बढ़ेगा। इस प्रक्रिया में किसी को भी खलल डालने नहीं दी जाएगी।
इससे पहले शाह ने गांदरबल जिले में स्थित खीर भवानी मंदिर में मत्था टेका। पारंपरिक कश्मीरी फिरन पहने वह और उनके साथ जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने माता रागन्या देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। अमित शाह ने मंदिर के दर्शन के बाद एक ट्वीट साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, ‘माता खीर भवानी मंदिर में माँ के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
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