भारतीय ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से लिया संन्यास

भारतीय ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से लिया संन्यास

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के स्टार ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह अंतरराष्ट्रीय हॉकी से तत्काल प्रभाव से संन्यास ले लिया है। 30 वर्षीय रुपिंदर ने भारत के लिये 223 मैच खेले हैं। वह टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे।

रुपिंदर ने ट्विटर पर गुरुवार को संन्यास की घोषणा की। उन्होंने ट्विट किया, "मैं आपको भारतीय हॉकी टीम से संन्यास लेने के अपने फैसले के बारे में सूचित करना चाहता हूं। पिछले कुछ महीने मेरे जीवन के सर्वश्रेष्ठ रहे। टोक्यो में अपनी टीम के साथ पोडियम पर खड़े होने के अनुभव को मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकूंगा। मेरा मानना है कि अब समय आ गया है जब युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उस आनंद की अनुभूति का अवसर दिया जाये जो भारत के लिये खेलते हुए मैं पिछले 13 साल से अनुभव कर रहा हूं। 223 मैचों में भारत की जर्सी पहनने का सम्मान और इनमें से प्रत्येक मैच मेरे लिए विशेष है। मुझे इस महान खेल-प्रेमी राष्ट्र के लिए खेलने का सौभाग्य मिला है।"

रुपिंदर ने अपने प्रशंसकों, हॉकी इंडिया, अपने कोचों और दोस्तों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने उनकी यात्रा में बड़ी भूमिका निभाई।

बता दें कि टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक मुकाबले में भारत ने जर्मनी को 5-4 से हराकर पदक जीता। इस मुकाबले में रुपिंदर पाल सिंह ने भी एक गोल दागा था। उनके अलावा सिमरनजीत सिंह ने दो गोल जबकि हार्दिक सिंह और हरमनप्रीत सिंह ने भी एक-एक गोल किया।