लखीमपुर हिंसा मामले में आशीष की जमानत अर्जी खारिज

प्रदर्शनकारी किसानों को गाड़ी से कुचलने के मामले में आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू की कोर्ट ने बुधवार को जमानत अर्जी खारिज कर दी।

लखीमपुर हिंसा मामले में आशीष की जमानत अर्जी खारिज

मामले में आरोपी अंकित दास ने किया सरेंडर
कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
लखीमपुर खीरी, प्रदर्शनकारी किसानों को गाड़ी से कुचलने के मामले में आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू की कोर्ट ने बुधवार को जमानत अर्जी खारिज कर दी। उधर, सह अभियुक्त आशीष पांडे की भी अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आशीष मिश्र से पहले आशीष पांडे और लवकुश को गिरफ्तार किया गया था। 
भाजपा से निघासन विधानसभा क्षेत्र की दावेदारी करने वाले आशीष मिश्र मोनू की ओर से तिकुनिया कांड में झूठा फंसाए जाने की दलील उनके अधिवक्ता अवधेश सिंह ने दी तो आशीष पांडेय की ओर से रामाशीष मिश्रा ने जमानत अर्जी पेश की। उन्होंने सीजेएम चिंताराम की अदालत में बताया कि उसका घटनाक्रम से कोई मतलब नहीं है, उसे गलत फंसाया जा रहा है। इसी तरह दूसरे अभियुक्त आशीष पांडेय ने भी खुद को निर्दोष बताया। सीजेएम चिंताराम ने अभियोजन पक्ष के विरोध के बाद दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
वहीं, आशीष के मित्र और इस मामले के एक अन्य आरोपी अंकित दास को सीजेएम कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। अंकित ने बुधवार सुबह ही क्राइम ब्रांच पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। अंकित ने पुलिस को बताया कि वह फॉर्च्यूनर गाड़ी में मौजूद था। उसने गाड़ी से किसानों को कुछ ले जाने के मामले में खुद को निर्दोष बताया।
गौरतलब है कि, अंकित, कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे हैं। हालांकि उनका चाचा के साथ कोई वास्ता नहीं है। अंकित के साथ एक अन्य आरोपी लतीफ ने भी आत्मसमर्पण किया है। बुधवार सुबह ही पुलिस ने अंकित के लखनऊ स्थित आवास पर नोटिस चिपकाया था। नोटिस चिपकाया जाने के कुछ घंटों बाद ही अंकित ने खुद को सरेंडर कर दिया।